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कोरबा पाली/ 22 मई 2024(KRB24NEWS):
छत्तीसगढ़ पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल पाली के शिक्षाविद प्राचार्य एवं कैरियर काउंसलर डॉ. गजेंद्र तिवारी ने बताया कि होम साइंस में भी छात्र-छात्राएं अपना बेहतर कैरियर बना सकते हैं। आधुनिक जीवनशैली में। होम साइंस का काफी महत्व बढ़ गया है। हाउसकीपिंग के अलावा हेल्थ फूड टीचिंग फैशन एनजीओ आदि विभिन्न क्षेत्र भी होम साइंस के दायरे में आते हैं। कई विषयों का सम्मिश्रण होने के कारण इसकी उपयोगिता वर्तमान परिवेश में और बढ़ गई है। होम साइंस की पढ़ाई 11 वीं स्तर से ही शुरू हो जाती है पर विस्तार इसकी ग्रेजुएशन से शुरू होती है। होम साइंस में ग्रेजुएशन करने के बाद इसके 2 वर्षीय एमएससी कोर्स में दाखिला लिया जा सकता है। उसके बाद रिसर्च संबंधी अध्ययन भी किया जा सकता है। होम साइंस के पाठ्यक्रमों के तहत पांच क्षेत्र होते हैं इसमें फूड एंड न्यूट्रीशन, रिसोर्स मैनेजमेंट, ह्यूमन डेवलपमेंट फैब्रिक एंड अपैरल डिजाइनिंग और कम्युनिकेशन ग्रेजुएशन कोर्स के पहले वर्ष में सभी विषयों की पढ़ाई होती है, जबकि बाद में विद्यार्थियों द्वारा किसी विषय में विशेषज्ञता हासिल की जा सकती है।इस क्षेत्र में आर्ट्स और साइंस दोनों की स्ट्रीम के अभ्यर्थी दाखिला ले सकते हैं। वैसे यदि आप साइंस स्ट्रीम से है तो ऑनर्स कोर्स में आपको नामांकन में प्राथमिकता मिलेगी। होम साइंस के साथ स्नातक विद्यार्थियों के लिए इस विषय से एमएससी अथवा डिप्लोमा कोर्स करने की राह बन जाती है। पीजी कोर्स के बाद विभिन्न संस्थानों में पीएचडी में दाखिला मिल सकता है। घर, इंटीरियर डिजाइनिंग रहन-सहन फिटनेस खानपान और फैशन जैसे विषयों में रूचि और संबंधित जानकारी होम साइंस के क्षेत्र में सफलता दिलाने में सहायक होती है।

