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कोरबा पाली 29 जनवरी 2024(KRB24NEWS):
आज सुबह से ही सनातन भारत भूमि का सूर्य पूरे उल्लास के साथ अभ्युदय हुआ।जैसे-जैसे सूर्य आकार लेता गया, बच्चों की किलकारी वंदन की धरती (भारत भूमि) में भारत माता की जय घोष में बदलते गए।प्रभात फेरी में बच्चों का उत्साह देखने लायक था।अपने घर से विकसित भारत का संकल्प लेकर राष्ट्रीय ध्वज हाथ में थामे ग्राम भ्रमण कर रहे थे,भविष्य के राष्ट्र प्रहरी।वतन के महापर्व गणतंत्र दिवस मे बच्चों को प्रत्येक घरों से चावल श्रीफल गुड़ चना स्वस्फूर्त प्रदान किया गया।

ग्राम की माताओं, अभिभावकों ने बच्चों के साथ होकर भारत का जय घोष करते शाला प्रांगण तक पहुंचे। माँ-भारती,राष्ट्रपिता महात्मा गांधी,छत्तीसगढ़ महतारी की विधिवत पूजा दीप प्रज्वलन के साथ की गई।पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा स-सम्मान ध्वजारोहण किया गया।

पुष्प से आनन्द वर्षा होते ही उपस्थित जनसमूह गणतंत्र पर्व के प्रत्यक्ष साक्षी बने।तोरण से सु-सज्जित प्राथमिक शाला परिसर सबका मन मोह लेने के लिए पर्याप्त था। सावधान की स्थिति में राष्ट्रगान सब ने मिलकर गाए।पश्चात मंच में उपस्थित लोगों का पुष्पवृन्द से स्वागत किया गया।संचालन कर रहे सुनील जायसवाल शिक्षक ने राष्ट्रीय पर्व का महत्व,गुलामी से लेकर आजादी तक की असंख्य लड़ाईया लड़कर मिली स्वतंत्रता को अक्षुण रखने,देश के लिए बलिदान देने हेतु तैयार रहने की अपील की।

मुख्यअतिथि के आसंदी से श्री शाला प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष श्री पूरन दास ने अपने ग्रामवासियों से मिलकर रहने आपसी द्वेष भुलाने की बात कही।देशभक्ति गीत व नृत्य, पारंपरिक,आंचलिक गीत समुचित वेशभूषा में तथा निबंध कविता चुटकुले छत्तीसगढ़ी गीत भी बच्चों ने बहुत सुंदर प्रस्तुत किए।कार्यक्रम में शिरकत करने वाले नवनिहालों को शाला की ओर से प्रथम द्वितीय,तृतीय तथा सांत्वना पुरस्कार के रूप में कॉपी,पेन,चॉकलेट,प्रदान कर उन्हें विभूषित किया गया। सेव-बूंदी का प्रसाद सब ने ग्रहण किया। असीमित राष्ट्र भक्ति की पराकाष्ठा से सब अपने गंतब्य की ओर प्रस्थान किए।कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक सुनील जायसवाल,श्री शत्रुघन कँवर श्री असथिर दास,श्रीमती उमा महन्त,श्री गणेश दास,श्री पुरन दास,श्री सुमरन दास,श्रीमती चांदनी,श्रीमती लता महन्त,श्रीमती सुशीला महन्त, पंच श्रीमती चैत कुंवर,श्री दूरबीन दास,श्री चैन दास,श्री नैन दास,पंच श्री परदेशी पटेल,श्री कंवल दास, श्रीमती मछिंदरा महन्त,श्रीमती फुलकुंवर पैकरा,श्री डाकेश्वर, श्री मोहित,श्रीमती सुमन महन्त,श्री शत्रुहन महन्त,श्रीमती सन्तोषी पैकरा,श्रीमती राजमती,श्रीमती मधुलता जायसवाल आदि का सहयोग काबिले तरफ रहा।
