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कोरबा पाली 28 जनवरी 2024(KRB24NEWS):
शासकीय नवीन महाविद्यालय पाली में विकसित भारत के लिए नीडोनामिक्स का महत्व विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिसमें मुख्य वक्ता और अतिथि निडोनोमिक्स स्कूल ऑफ थाट के प्रवर्तक, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर मदन मोहन गोयल (पूर्व कुलपति- स्टारेक्स और जगन्नाथ विश्व विद्यालय) थे।

विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम, अध्यक्षता प्राचार्य डॉ पुष्पराज लाजरस ने किया।कार्यक्रम समन्वयक हर्ष पांडेय,सह समन्वयक टीकाराम कश्यप, सुनील कंवर, आयोजन सचिव डॉ शेख़ तस्लीम अहमद थें। मां सरस्वती और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राजकीय गीत के पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ पुष्पराज लाजरस ने अपने स्वागत भाषण में राष्ट्रीय कार्यशाला के विषय की रूपरेखा रखीं।

विशिष्ट अतिथि विधायक श्रीमरकाम ने राष्ट्रीय कार्यशाला के आयोजन पर महाविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए इससे अच्छा प्रयास बताया। मुख्य अतिथि और वक्ता डॉ मदन मोहन गोयल ने अपने उद्बोधन में विकसित भारत @2047 में नीडोनामिक्स की सार्थकता पर विस्तार से व्याख्यान दिया।उन्होंने भगवदगीता के माध्यम से अर्थव्यवस्था को स्पष्ट किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में भारतीय समाज की विविधता को आर्थिक व्यवस्था के उन्नति में सहायक बताया। उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है.

नीडोनामिक्स सतत विकास के लिए आशा की किरण है, जो नीडो-खुशी के माध्यम से संतुष्टि को बढ़ावा देता है ,यदि हम परोपकारी भावना के साथ इसे अपनाते हैं, तो निसंदेह हमारा कल बेहतर होगा. प्रो.गोयल ने लालच की अंतिम भूख के प्रति आगाह करते हुए कहा कि निवेश के लिए एक आवश्यक मानसिकता विकसित करने के लिए बैंकों में बचत और जमा को प्रोत्साहित करना अनिवार्य है. उन्होंने व्यक्तियों की बचत प्रोफाइल को बदलने के लिए नीडोनामिक्स उपभोग को अपनाने की वकालत करते हुए कहा कि इसमें मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने की क्षमता है.इस कार्यशाला मे प्रदेश के अनेक महाविद्यालय से प्राध्यापक और शोधकर्ता सम्मिलित हुए।इस राष्ट्रीय कार्यशाला में डा कविता ठक्कर, रीता पटेल, संत कुमार खांडेकर, वर्षों लकड़ा, जितेन्द्र शुक्ला, नंदिनी साहु, जागृति साहु, भूमिजा चन्दाकर, भारती देवांगन, कैलाश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक, विद्यार्थी,प्रेस मीडिया और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे.
