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हरदीबाजार 19 मई 2022(KRB24NEWS)::-

हरदीबाजार सहित क्षेत्र में भी अपने पति के दीर्घ आयु व पुत्र प्राप्ति के लिए वट सावित्री व्रत व पूजा सुहागिन महिलाओं ने किया । ज्येष्ठ मास के अमावस्या तिथि पर पढने वाली वट सावित्री निर्जला व्रत व पूजन का शुक्रवार को सुहागिन महिलाएं पारंपरिक सोलह श्रृंगार से सज-धज कर निर्जला उपवास रहकर मंदिर प्रांगण व घर के आस-पास लगे व घर पर लगें वट वृक्ष का पूजन किया ।

पुराणानुसार बरगद के पेंड़ में त्रिदेव का निवास है,ब्रह्मा वट के जड़ में,विष्णु तना में और महेश का वास ऊपरी भाग में है । पुराणानुसार कथा है कि सत्यवान अल्प आयु का था जो विवाह के एक वर्ष बाद उसकी मृत्यु होनी थी इसकी जानकारी नारद मुनी ने सावित्री व उसके पिता को भी दी सावित्री के पिता ने विवाह से इंकार कर दिया था किंतु सावित्री ने सत्यवान से ही शादी की जब सावित्री – सत्यवान जंगल में लकडी लेने गये और वृक्ष पर चढने लगा तभी उसके सिर पर जोर का दर्द हुआ और नीचे उतर कर अपनी पत्नी सावित्री के गोद पर सिर रख कर सो गया ईसी दौरान यमराज और उसके दूत सत्यवान के प्राण हरने आ पहुंचे ।

तब पतिव्रता सावित्री ने यम का पीछा कर उसके सवाल व पति प्रेम देख कर ,तीन वर मांगने को कहा जिसमें सौ संतान प्राप्ति,दूसरा पति के प्राण,तीसरा अपने ससुर के राज्य छिन्न गया था जिसे वापस करने का वर मांगा जिसे यमराज ने तथास्तु कहकर पूरा किया । तब सावित्री दौड़ कर वट वृक्ष पेड़ के पास लेटे अपने पति के पास पहुंची जिसमें धीरे-धीरे प्राण आने लगी । तब से वट सावित्री वृत्र सभी सुहागिन महिलाएं रहने व पूजा करने लगी ।

हरदीबाजार राजाराम राठौर