Share this News

टूलकिट मामले में पूर्व सीएम रमन सिंह ने पुलिस को अपना जवाब दे दिया है. सोमवार को रायपुर पुलिस के अधिकारी रमन सिंह के बंगले पहुंचे. जहां रमन सिंह ने सवालों का जवाब दिया. पुलिस पूछताछ में उन्होंने लिखित में जवाब दिया. रमन सिंह ने ट्विटर एक्सेस देने से इनकार कर दिया है.

रायपुर 24मई (KRB24NEWS) : टूलकिट मामले में छत्तीसगढ़ का सियासी पारा काफी गर्म रहा. एक तरफ जहां पूछताछ से पहले पूर्व सीएम रमन सिंह खुद गिरफ्तारी देने सिविल लाइन थाने पहुंचे. वहीं पुलिस पूछताछ में उन्होंने सवालों के लिखित में जवाब दिए. रमन सिंह ने पुलिस को ट्विटर एक्सेस देने से इनकार कर दिया. इसके पहले रमन सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भूपेश सरकार और सोनिया गांधी पर जमकर निशाना साधा.

पहुंचे.

raman-singh-himself-reached-the-police-station-to-give-arrest-in-the-toolkit-case-refused-to-give-twitter-access

पूछताछ के लिए रमन सिंह के बंगले पहुंची पुलिस

10 मिनट में लौटी पुलिस

जानकारी के मुताबिक सभी पुलिस अधिकारी 10 मिनट में ही बाहर आ गए. पुलिस ने रमन सिंह से उनके ट्विटर अकाउंट का एक्सेस पुलिस ने मांगा जिसे देने से रमन सिंह ने ये कहते हुए इनकार कर दिया कि, वो उनकी बेहद पर्सनल अकाउंट है. वे अपनी प्राइवेसी वो शेयर नहीं कर सकते. पुलिस ने पहले ही 4 सवाल डॉक्टर रमन को भेजे थे. सभी का लिखित जवाब उन्होंने पहले ही तैयार रखा था. अफसर जवाब लेकर लौट गए.

‘मैंने राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर ट्वीट किया’

अपने लिखित जवाब में रमन सिंह ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी लोगों को दिग्भ्रमित करने के लिए षड़यंत्र कर रही है. कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को भारत सरकार की ओर से चलाए जा रहे योजनाओं और कार्यक्रमों को बाधित और बदनाम करने के लिए निर्देशित कर रही है. इस कृत्य से दुखी और व्यथित होकर मैनें जनता को सही तथ्य बताने के उद्देश्य से 18 मई को ट्वीट किया था. ट्वीट का उद्देश्य सत्य को सामने लाना और जन सामान्य में बनी भ्रांति को दूर करना था. मैंने राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर ट्वीट किया था. जनता में जागरूकता लाने के उद्देश्य से किया गया था. जिस पर एक बार फिर से सरकार के दबाव में आधारहीन FIR की गई है.

raman-singh-himself-reached-the-police-station-to-give-arrest-in-the-toolkit-case-refused-to-give-twitter-access

सिविल लाइन थाने गिरफ्तारी के लिए जाते हुए रमन सिंह

गिरफ्तारी देने सिविल लाइन थाने पहुंचे रमन सिंह

टूलकिट मामले में प्रदेश में सियासत गरमाई हुई है. सोमवार को इस मामले में पूर्व सीएम रमन सिंह गिरफ्तारी देने सिविल लाइन थाना पहुंचे. उनके साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत मौजूद रहे. सभी नेता बोलने की आजादी का सम्मान करो के बोर्ड हाथों में लिए सिविल लाइन थाने के बाहर धरने पर बैठे.

‘प्रजातंत्र में आवाज को दबाने की कोशिश’

धरने के दौरान पूर्व सीएम रमन सिंह ने कहा कि ये एक सोची-समझी साजिश है. ये प्रजातंत्र में आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है. संबित पात्रा जितना राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में आक्रमण करते हैं उतनी ही सोनिया गांधी, राहुल गांधी की बौखलाहट बढ़ रही है और प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उनके इशारों पर काम करते हैं. दबाव बनाकर, आतंकित कर संबित पात्रा को बोलने से रोकने की कोशिश की जा रही है. रमन सिंह ने कहा कि हमने चुनौती दी है कि कांग्रेस को जितने FIR करने हैं, करवा ले. बीजेपी का एक-एक कार्यकर्ता इस मुहिम में जुट गया है.

raman-singh-himself-reached-the-police-station-to-give-arrest-in-the-toolkit-case-refused-to-give-twitter-access

गिरफ्तारी देने सिविल लाइन थाना पहुंचे पूर्व सीएम रमन सिंह

‘थाने का संचालन कांग्रेस भवन से हो रहा’

धरने के बाद पूर्व सीएम रमन सिंह बंगले पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया से चर्चा की. पूर्व सीएम रमन सिंह ने कहा कि कांग्रेस सुनियोजित रूप से षड़यंत्र कर भारतीय जनता पार्टी की छवि को खराब करने के लिए टूलकिट केस का यूज कर रही है. राज्य सरकार झूठे मामले बनाकर FIR कर रही है. इस मामले का संचालन सिविल लाइन थाने से नहीं हो रहा है, बल्कि कांग्रेस कार्यालय से CM के इशारे से हो रहा है. सोनिया और राहुल गांधी के इशारे पर हो रहा है. उन्होंने कहा कि भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने गांधी परिवार के खिलाफ तथ्यात्मक मुद्दे उठाए हैं. इस मुद्दे को लेकर हम सड़क से कोर्ट तक जाएंगे.

‘शिकायत के एक मिनट बाद FIR दर्ज’

पूर्व सीएम रमन सिंह ने कहा कि 19 मई को FIR दर्ज कराई गई. इसमें बीजेपो को बदनाम करने की साजिश रची गई. शाम को 4 बजकर 5 मिनट पर शिकायत मिली, 4 बजकर 6 मिनट पर अपराध दर्ज कर दिया गया. 1 मिनट में संबित पात्रा और बीजेपी नेताओं के खिलाफ अपराध करा दिया गया. रमन सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने केस डायरी को 5 मिनट के अंदर कांग्रेस ट्वीटर हैंडल में डाल देती है. यानी इसका संचालन सिविल लाइन थाने से नहीं बल्कि कांग्रेस के कार्यालय से हो रहा है. उन्होंने कहा कि केस डायरी का संचालन अपराध की श्रेणी में आता है बावजूद इसके इसका उल्लंघन कर कांग्रेस को केस डायरी दी गई.

raman-singh-himself-reached-the-police-station-to-give-arrest-in-the-toolkit-case-refused-to-give-twitter-access

अपने बंगले पर मीडिया को संबोधित करते पूर्व सीएम रमन सिंह

‘कोर्ट में जाएंगे हम’

पूर्व सीएम रमन सिंह ने कहा कि देश और पीएम मोदी की छवि धूमिल करने की साजिश का हमने पर्दाफाश किया है. इस घटना से मेरा मन व्यथित हुआ इसलिए जनता को बताया. साथ ही नोटिस के जवाब में कहा कि एक्सेस की जानकारी मांगना संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन है जिसे मैंने नहीं दिया. FIR में लगाई गई धाराएं हास्यास्पद हैं. हम न्यायालय में जाएंगे और अपनी बात को मजबूती से रखेंगे.

संबित पात्रा ने एक हफ्ते का मांगा समय

सिविल लाइन पुलिस ने रविवार को संबित पात्रा को नोटिस भेजकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बयान दर्ज कराने कराने कहा था. रायपुर पुलिस के अधिकारी शाम 4 बजे संबित पात्रा का ऑनलाइन इंतजार भी करते रहे, लेकिन वह नहीं पहुंचे. पूछताछ के लिए निर्धारित समय से 10 मिनट पहले डॉ संबित पात्रा ने अपने वकील अपूर्व कुरूप के माध्यम से रायपुर पुलिस को एक ईमेल भेजकर कुछ समय देने का आग्रह किया. संबित पात्रा के वकील ने रायपुर पुलिस से 1 सप्ताह का समय मांगा है.

नड्डा, ईरानी, संतोष पर भी है FIR दर्ज

टूलकिट मामले में NSUI प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने 19 मई को पूर्व सीएम रमन सिंह और बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ सिविल लाइन थाना में अपराध दर्ज करवाया था. NSUI कार्यकर्ताओं ने, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष समेत तमाम नेताओं के खिलाफ प्रदेश के 52 अलग-अलग थानों में मामले दर्ज करवा चुके हैं.