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कटघोरा 10 सितम्बर ( KRB24NEWS ) : जनपद पंचायत कटघोरा में कुछ ही महीने पूर्व पदस्थ लेखापाल ऐ. के. बैसवाड़े के खिलाफ जनपद सदस्यों द्वारा इन्हें हटाने की मांग को लेकर 24 अगस्त को जिला पंचायत के सीईओ को ज्ञापन देकर अपनी मांग को रखा था. जनपद सदस्यों का कहना है कि वर्तमान पदस्थ लेखापाल ऐ. के. बैसवाड़े द्वारा सदस्यों, सचिवों तथा सरपंचो के साथ ठीक से व्यवहार नहीं किया जाता है साथ ही निर्माण कार्यों का सरपंच द्वारा काम किए जाने के बाद भी भुगतान करने के लिए आनाकानी किया जाता है. जिसको लेकर जनपद सदस्य एवं सरपंच प्रतिनिधियों द्वारा जनपद पंचायत कटघोरा में पदस्थ लेखापाल ऐ.के. बैसवाड़े को हटाने की मांग की गई थी. जिसको देखते हुए एक टीम गठित की गई थी जिसमें जिला पंचायत के अधिकारियों द्वारा जनपद सदस्यों से बयान लेकर उक्त लेखापाल के खिलाफ मनमानी एवं दुर्व्यवहार को जांच किया जाना था. जनपद सदस्यों द्वारा कहा गया था कि यदि लेखापाल को नही हटाया जाता है तो 7 दिवस के भीतर जनपद सदस्य एवं सरपंच के द्वारा घेराव कर कार्यालय में तालाबंद, कलम बन्द करने की बात कही गई थी. जिसे लेकर आज सभी जनपद सदस्यों एवं सचिवों ने जनपद कार्यालय में तालाबंद कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान तहसीलदार रोहित सिंह द्वारा सभी जनप्रतिनिधियों को समझाइश देकर ताला खोलने का अनुरोध किया गया.

बतादें कि लेखापाल के पद पर पदस्थ ऐ के बैसवाड़े कटघोरा से पहले जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के जनपद पंचायत कार्यालय में पदस्थ थे और वे वहां भी विवादों में रहें हैं उनकी पदस्थापना कटघोरा जनपद पंचायत में होने के पश्चात यहां भी सभी जनप्रतिनिधि व सचिव तथा सरपंचों से इनका व्यवहार दुर्भावनापूर्ण रहता है और हर काम को करने में टाल मटोल किया जाता है जिसे लेकर आज सभी जनप्रतिनिधियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है.

तहसीलदार रोहित सिंह एवं अनुविभागीय अधिकारी सुर्यकिरण तिवारी की समझाइस तथा COVID-19 के नियमों का उल्लंघन नही करने की हिदायत दी गई तब जाकर जनपद सदस्यों ने कार्यालय का ताला खोला और अधिकारियों द्वारा एक जनप्रतिनिधियों का एक दल आज जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत CEO के साथ आज बैठक आयोजित कर इस विषय पर चर्चा करेंगे.

अब देखने वाली बात है कि उक्त जनपद पंचायत के लेखापाल की शिकायत को लेकर जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत CEO किस तरह कार्रवाई करती है…