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राजनांदगांव : बीजापुर के रहने वाले एक हार्डकोर नक्सली ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया। उस पर 6 लाख रुपए का ईनाम घोषित था। वह बीजापुर में हुए कई वारदातों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहा। गढ़चिरौली में उसके विरूद्ध कई मामलों में नामजद आपराधिक प्रकरण दर्ज है। नक्सली संगठन में गणेश एक बड़ा कैडर माना जाता है। मिली जानकारी के मुताबिक गणेश गट्टा पूनेम ने मंगलवार को गढ़चिरौली में सरेंडर करते मुख्यधारा में वापसी की। गणेश ने पैरामिलिट्री फोर्स सीआरपीएफ और जिला बल के समक्ष सरेंडर किया।

वह बीजापुर में रहते हुए नक्सली विचारधारा से प्रभावित होकर नक्सली बना। कई मुठभेड़ में वह शामिल रहा। गौरतलब है कि गढ़चिरौली में पुलिस की नक्सल उन्मूलन अभियान को अच्छी सफलता मिल रही है। नतीजतन कई नक्सली समर्पण की राह पकडक़र मुख्यधारा में लौट आए हैं। पिछले दो साल के भीतर 14 हार्डकोर नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर किया।

नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति से काफी फायदा मिल रहा है। कई बड़े नक्सली सामान्य जीवन जीकर आगे बढ़ रहे हैं। गढ़चिरौली के आलाधिकारी लगातार नक्सलियों से आतंक का रास्ता त्यागकर समर्पण करने की अपील कर रहे हैं।