Share this News

कोरबा : ढोढ़ीपारा बस्ती में 6 फीट लंबा नाग सांप देखने को मिला है। सत्येंद्र यादव जब सोमवार को अपने घर में कबूतरों को दाना डालने पहुंचा, तब उसने सांप को देखा कि वह फन फैलाए बैठा था और फूंकार रहा था। स्नैक कैचर के मुताबिक, वह कबूतर का शिकार करने पहुंचा था। वहीं, छत्तीसगढ़ में आए दिन सांप निकलने की घटना सामने आ रही है। वहीं जहरीले सांप के काटने से मौत के दर भी बढ़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए जिले में 30 साल में पहली बार एक वर्कशॉप का आयोजन किया जिसमें इसके समाधान पर चर्चा हुई।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में 43 प्रकार के सांप पाए जाते हैं। उनमें विषैले और विषहीन सांप अलग-अलग होते है। प्रदेश में सर्पदंश से मृत्यु होने पर रेवेन्यू बुक सर्कुलर के नियम के तहत 4 लाख रुपए तक के मुआवजे का प्रावधान है। सत्येंद्र ने बताया कि वह बचपन से कबूतर पालता है। उनके घर पर रोज 40-50 कबूतर आते हैं। जब वह दाना डाल रहा था, तब उसे एक आवाज सुनाई दी। पहले उसे लगा कि यह कबूतरों की आवाज है। जैसे ही वह पास गया, सांप ने फुंकार मारी। इससे घबराकर वह भाग गया और एक कमरे में जाकर बैठ गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्नेक कैचर लोकेश कुमार और उमेश यादव मौके पर पहुंचे। दोनों ने सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ा और जंगल में छोड़ दिया।

स्नेक कैचर उमेश यादव के मुताबिक, यह नाग सांप बेहद खतरनाक और जहरीला था। संभवतः वह चूहे या कबूतर का शिकार करने आया था। उन्होंने बताया कि यह प्रजाति फुर्तीली और आक्रामक होती है। मौसम बदलने के कारण सांप निकलने की घटनाएं बढ़ी हैं।