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कटघोरा (धंवईपुर ) 15 अक्टूबर ( KRB24NEWS ) : धंवईपुर ग्राम के नवापारा में जननी महिला क्लस्टर संगठन समूह द्वारा बनाए जा रहे गोबर के दीये इस बार भी दीवाली में घर- आंगन व सरकारी दफ्तर रोशन होंगे। इसके लिए महिला समूह द्वारा गोबर के आकर्षण दीयों का निर्माण किया जा रहा है। महिलाएं बड़ी संख्या में गोबर के दीये का निमार्ण कर रहीं हैं। अभी तक 5 हजार दीयों का निर्माण कर लिया गया है। समूह द्वारा 50 हज़ार दिए बनाने का लक्ष्य रांझा गया है। इस बार भी बाजार में गोबर से बने रंग-बिरंगे दीये बिकने के लिए आएंगे। पर्यावरण संरक्षण और महिला स्वसहायता समूहों को रोजगार मुहैया कराने की दिशा में गोबर से बने दीये को अहम माना जा रहा है। दीये को दीपावली में उपयोग करने के बाद जैविक खाद बनाने उपयोग में लाया जा सकता है। उसके अवशेष को गमला या कीचन गार्डन में भी उपयोग किया जा सकता है। इस तरह मिट्टी के दीये बनाने और पकाने में पर्यावरण को होने वाले नुकसान के स्थान पर गोबर को दीये को इकोफ्रेंडली माना जा रहा है। जननी महिला संकुल संगठन की देवेश्वरी जायसवाल, फूल कुमारी, ने बताया कि धंवईपुर की महिला समूह को पूर्व में दीया बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है.

दिये के साथ अन्य सामान का भी कर रहे निर्माण
स्व सहायता समूह की महिलाएं गोबर से निर्मित दीये के साथ स्वास्तिक चिन्ह, गौर गणेश, करवा चौथ के कलश आदि भी निर्मित कर रही हैं ।
गोबर से दीये बनाने की ये है प्रक्रिया
महिलाओं ने बताया कि करीब ढाई किलो गोबर में मिट्टी मिलाते हैं । गोबर व मिट्टी को अच्छी तरह मिलाने के बाद इसे हाथ से खूबसूरत आकार दिया जाता है। इसके बाद इसे दो दिनों तक धूप में सुखाने के बाद अलग-अलग रंगों से सजाया जाता है।

जिले के साथ साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री का घर होगा रोशन
जननी महिला संकुल समूह की फूल कुमारी ने बताया कि हमने इस बार 50 हज़ार गोबर के दिये बनाने का लक्ष्य रखा है अभी तक पांच हजार दीयों का निर्माण हो चुका है। हमारे समूह द्वारा अभी तक रक्षाबंधन में राखी एवं कोरोना काल में मास्क बनाने का कार्य किया गया है जिसमें हम महिलाओं का अच्छा लाभ मिला था तथा उन्हें कोरोना काल में आर्थिक रूप से सहायता मिला था तथा बताया कि वे इन गोबर के बने दियों को जनपद पंचायत, चौक चौराहों में स्टॉल लगाकर बेचने का लक्ष्य रखा है तथा हमारे द्वारा बनाये गए दियों को प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी भेजेंगे ताकि इस दीपावली में उनका निवास भी हमारे बनाये दियों से जगमगा उठे.

महिलाओं ने गोबर को बनाया आय का जरिया
धवईपुर नवापारा की महिलाओं ने इस दिशा में अभिनव पहल किया है। कुछ समय पहले तक यहां महिलाएं खेतों में काम करतीं, घर संभालतीं नजर आती थीं। इन्हीं महिलाओं ने गाय के गोबर को अपनी आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत करने का जरिया बना लिया है। गांव की महिलाओं का एक स्वसहायता समूह इस काम में लगा है और ये गोबर से आकर्षक दीये बनाने के साथ-साथ कई तरह की कलात्मक चीजें बना रही हैं। इनकी इस कलात्मक दीयों के कद्रदान भी बहुत हैं। यह कला अब छत्तीसगढ़ से पूरे देश में पहुंच रही है।

