Share this News

कटघोरा 15 अक्टूबर ( KRB24NEWS ) : कटघोरा से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर पोंडी उपरोड़ा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत तानाखार में अवैध मुरुम खनन धड़ल्ले से चल रहा है। इसकी जानकारी न तो सरपंच को है और न ही सचिव को है। ठेकेदार ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध खनन कर मुरुम परिवहन कर रहे हैं। आलम यह है कि मुरुम वाली जगह में बड़े बड़े गहरे गड्ढे कर दिए गए हैं। खनन माफियाओं द्वारा आर्थिक हितों के फेर में खेतो से लगे शासकीय भूमि को बेहतरीन ढंग से खोदकर बर्बाद किया जा रहा है और शासन को लाखों का चूना लगाया जा रहा है।

तानाखार के राष्ट्रीय राजमार्ग 130 से लगे खेतों के सामने की शासकीय भूमि पर गत दिनो से खनिज माफियाओं द्वारा मुरुम खनन का कार्य किया जा रहा है। इसकी जानकारी सरपंच तक को नहीं है। लगातार यहां एक जेसीबी और 3 हाइवा परिवहन में लगे हुए हैं। मुरूम का अवैध उत्खनन और परिवहन हो रहा है। जेसीबी मशीन से मुरुम खोदकर जमीन को खाई में तब्दील किया जा रहा है। खनिज का बेतहाशा दोहन किया जा रहा है।

बतादें की राष्ट्रीय राजमार्ग तानाखार में जहां मुरुम खुदाई की जा रही है ठीक सड़क के इस पर बताया जस्ता है किसी उच्च अधिकारी की जमीन है जिमें मुरुम पाटने का कार्य जमनीपाली के शंकर इंजीनियरिंग को दिया गया है.मौके पर मौजूद कंपनी के सुपरवाइजर की देखरेख में दिन में ही जेसीबी के द्वारा मुरुम का परिवहन किया जा रहा था. मीडिया द्वारा पूछे जाने पर, की क्या खनिज विभाग के द्वारा अनुमति ली गई है तो उनका जवाब था कि किसान के द्वारा अनुमति दी गई है, जब पटवारी को जानकारी मिली तो वे मौके पर पंहुचे और बताया कि किसी प्रकार की अनुमति नही दी गई है. पटवारी के मौके पहुचने पर सुपरवाइजर की बोलती बंद हो गई.

अवैध मुरुम खुदाई पर पटवारी द्वारा कार्य में लगे जेसीबी और 2 हाइवा पर पंचनामा कार्यवाही करते हुए मुरुम खुदाई को बंद कराया गया. लेकिन इस अवैध मुरुम खुदाई पर खनिज विभाग क्या कार्यवाही करता है यह अभी देखना बाकी है..

अधिकारियों की निष्क्रियता हो रही उजागर

जानकारी के अनुसार अवैध खनन को लेकर शासकीय अधिकारी, कर्मचारी, खनिज विभाग के अधिकारियों की निष्क्रियता के परिणाम स्वरूप खनन माफियाओं के हौसले बुलंद है। मामला ग्राम तानाखार सहित कई अन्य गावों में अवैध मुरुम, रेत का बेतहाशा परिवहन चल रहा है

जमीन को कर रहे है बर्बाद

जिले में अवैध खनन का आलम यह है कि खनन माफियाओं द्वारा कहीं पर भी शासकीय भूमि को खोद दिया जा रहा है, वहीं तालाबों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। गौरतलब हो की क्षेत्र के में सूखे पड़े तालाब, शासकीय भूमि, वन भूमि में माफियाओं द्वारा अवैध उत्खनन का कार्य जोरो से चल रहा है रात हो या दिन माफियाओं को नही है किसी का डर इसलिए बेतहाशा अवैध उत्खनन चल रहा है.जिसकी खुदाई से जमीन बर्बाद हो रही है.