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कोरबा/पाली (KRB 24 News):- कटघोरा वनमंडल के उपवनमण्डल कटघोरा में पदस्थ चर्चित एसडीओ प्रहलाद यादव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है जहाँ जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव द्वारा पाली के तत्कालीन रेंजर रहने के दौरान कराए गए कार्यों के निष्पक्ष जांच की मांग पर डीएफओ द्वारा कराए गए त्वरित जांच में लाखों का भ्रष्ट्राचार सामने आया है।
जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव सुमित दुहलानी ने कटघोरा उपवनमण्डल में पदस्थ एसडीओ प्रहलाद यादव के तत्कालीन पाली रेंजर रहने के दौरान अपने कार्यकाल में ग्राम कोडार के आश्रित गाँव दुमदुमी से कुछ दूर स्थित बेसराबहार नाला पर गत वर्ष 2019 में लाखों की लागत से निर्माण कराए गए तालाब के तीन माह भी नही टिक पाने और पहली बारिश के दौरान ही तालाब का मेढ़ पानी मे बह जाने के अलावा भंडारखोल से खैराबहार डेढ़ किलोमीटर डब्लूबीएम रोड के घटिया निर्माण की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बीते दिनों कटघोरा डीएफओ श्रीमती शमा फारुखी को ज्ञापन सौंपा था।डीएफओ श्रीमती फारुखी द्वारा उक्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच टीम गठित कर जांच का जिम्मा पाली उपवनमण्डल के एसडीओ यदुनाथ डनसेना एवं पाली रेंजर केदारनाथ जोगी को सौंपा गया जहाँ बीते शुक्रवार 25 दिसंबर को जांच अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर तालाब एवं डब्ल्यूबीएम पहुँचमार्ग की जांच की गई जिसमें शासन द्वारा निर्धारित मापदंड के विपरीत कार्य कराया जाना पाया गया तथा लाखो का भ्रष्ट्राचार सामने आया।जांच उपरांत गुणवत्ताहीन कार्यों का जांच प्रतिवेदन डीएफओ को सौंप दिया गया है।इस विषय पर जानकारी चाहने डीएफओ श्रीमती फारुखी से संपर्क किया गया लेकिन उनसे संपर्क नही हो पाया किंतु डीएफओ द्वारा उक्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर उचित कार्यवाही हेतु सीसीएफ व पीसीसीएफ को प्रतिवेदन भेजे जाने की बाते सामने आ रही है।फिलहाल अभी यह अस्पष्ट है और डीएफओ से जानकारी मिलने उपरांत पुख्ता माना जाएगा किंतु विभागीय गलियारे में एसडीओ प्रहलाद यादव पर बड़ी गाज गिरना तय माना जा रहा है।
ज्ञात हो कि एसडीओ श्री यादव का रेंजर रहने के दौरान कटघोरा वनमंडल में शुरू से ही उनका कार्यकाल भ्रष्ट्राचार भरा एवं विवादास्पद रहा है जहाँ केंदई रेंज में पदस्थ रहने के दौरान उनके द्वारा जमकर अनियमित्तापूर्ण कार्य कराते हुए भ्रष्ट्राचार को अंजाम दिया इस दौरान अपने कृत्य में शामिल करने उन्होंने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर भी अनावश्यक दबाव बनाना चाहा किंतु उनके रेंज के सभी कर्मचारियों द्वारा उनके विमुख होकर कटघोरा वनमंडल से हटाने की मांग को लेकर आंदोलन पर बैठ गए जिसके बाद श्री यादव को कटघोरा से हटाकर बिलासपुर वनमंडल में अटैच कर दिया गया।जिसके कुछ माह बाद उन्हें पाली परिक्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई लेकिन उनके भ्रष्ट्र रवैये पर कोई सुधार नही आया और यहां भी वे तालाब- डबरी, बोल्डर चेकडेम, स्टॉफडेम, पहुँचमार्ग, पौधारोपण जैसे कार्यों पर जमकर भ्रष्ट्राचार को अंजाम देते हुए बंटाधार कर दिया तथा वर्तमान में वे एसडीओ के पद पर पदोन्नत होकर कटघोरा उपवनमण्डल की कुर्सी पर पदस्थ है।श्री प्रहलाद यादव अपने भ्रष्ट कार्यशैली से अकूत संपत्ति अर्जित किये है।यदि आयकर विभाग द्वारा इनके संपत्ति की जांच की जाए तो चौकाने वाले तथ्य सामने आएंगे।
