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कोरबा 13 अक्टूबर (KRB24NEWS) : कटघोरा नगर आज भले ही कोरोना के संकट से उबर चुका हो लेकिन शहर का पुराना नासूर एक बार फिर उभर कर सामने आ रहा है. यह नई समस्या कोई महामारी नहीं बल्कि अतिक्रमण का है. कटघोरा नगरपालिका इन दिनों पूरी तरह से अतिक्रमणकरियों की चपेट में है. पुराना बस स्टैंड से लेकर नया बस स्टैंड, शहीद वीरनारायण चौक से लेकर अम्बिकापुर जाने वाला मुख्यमार्ग इन दिनों छोटे व्यवसायियों के कब्जे की चपेट में है. इन दुकानदारों को इस बात से कोई सरोकार नहीं की इनकी दुकानदारी की वजह से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. वाहन चालकों के साथ ही पैदल चलने वालो को आने जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. राह से गुजरने वाले वाहन चालक अपना वाहन सड़क पर खड़ाकर खरीदारी में मशगूल रहते है नतीजतन सड़को पर जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है. ऐसे छोटे कारोबारियों में सब्जी, फल, मोबाइल एसेसरीज, और चाट-गुपचुप वाले शामिल है.

शिकायत पर कोई संज्ञान नहीं.

आमलोगों की इन दिक्कतों को देखते हुए कई दफे ऐसे बेजाकब्जाधारियों के खिलाफ शिकायत नगरपालिका के सीएमओ और अन्य कर्मचारियों से की जाती रही है बावजूद नगरपालिका प्रशासन कार्रवाई का आश्वासन देकर हमेशा पल्ला झाड़ लेता है. नगरपालिका प्रशासन को ना ही बाजार को व्यवस्थित करने में कोई दिलचस्पी है और ना ही जनसुविधाओं को बहाल करने में. खुद नगरपालिका के कर्मचारी इस बात को मानते है की उन्हें कभी भी बेजा कब्जाधारी व्यवसाइयों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश नहीं मिला. जाहिर है इस तरह की अनदेखी के पीछे नगरपालिका के बड़े अफसर है जिन्हे यह लगता है की दुकानदारों को हटाने पर उन्हें सामूहिक विरोध का सामना करना पड़ेगा. हालांकि जनता कर्फ्यू और लॉकडाउन के ठीक पहले पालिका प्रशासन ने सड़को को खाली कराने की योजना बनाई थी लेकिन कोरोना की वजह से इस योजना को अमल में नहीं लाया जा सका वही अब जब सरकारों की तरफ से बाजारों को लेकर कोई ठोस निर्देश नहीं है लिहाजा छोटे व्यवसायी जहां-तहाँ अपनी दुकाने सजा रहे है जिसका सीधा खामियाजा शहर की जनता को भुगतना पड़ रहा है.

SDM खुद निकले सड़को पर.

अतिक्रमण पर कार्रवाई का जिम्मा अमूमन नगरीय प्रशासन का होता है लेकिन इन दिनों कटघोरा के नवनियुक्त एसडीएम आईएएस अभिषेक शर्मा खुद ही सदल बल सड़को का जायजा ले रहे है. बीते एक हफ्ते से वह पालिका और राजस्व की टीम के साथ सड़क किनारे बेजकब्जा कर सामान सजाने वाले दुकानदारों को कड़ी फटकार लगा रहे है. उनके निर्देश पर कई दुकानदारों पर जुर्माने की कार्रवाई भी की गई है जिससे शहर सड़क किनारे वाले के कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है. एसडीएम के साथ खुद तहसीलदार रोहित सिंह भी दुकानदारों को समझाइस दे रहे है. जाहिर है अगर नगरपालिका ने पूर्व में इस तरह की कार्रवाई करने में दिलचस्पी दिखाई होती तो एसडीएम को यह कवायद नहीं करनी पड़ती.

बस स्टैंड में बसों के लिए ही जगह नहीं.

कटघोरा नगरपालिका का बस स्टैंड इन दिनों सबसे ज्यादा बेजाकब्जा की चपेट में है. यहाँ फास्टफूड और छोटे होटल चलाने वाले दुकानदारों ने प्रवेशद्वार को ही घेर रखा है. एक समोसे वाले ने बर्तन धोने के लिए बाकायदा बस स्टैंड के भीतर बड़ा निर्माण करा लिया है. इस व्यवसायी को पालिका कई बार वहां से हटा चुकी है बावजूद वह हर बार बेजकब्जा कर अपनी दुकान सजा लेता है. बताया जाता है की वह इस कब्जे के एवज में कुछ लोगो को बाकायदा हर महीने पैसे भी देता है. नगरपालिका को भी इस बात की जानकारी है लेकिन कार्रवाई से उनके हाथ भी कांपते है.

बिखर गया सब्जी मार्केट.

कोरोनाकाल में सब्जी मार्केट बाजार मोहल्ला से हटा दिया गया था. उनके लिए पालिका की तरफ से मीनाबाजार मैदान में अस्थाई व्यवस्था की है लेकिन सुविधाओं के अभाव में अब सब्जी व्यवसायी बजाये मीना बाजार के शहर के मुख्य मार्ग पर ही सब्जियों की दुकान लगाने पर मजबूर है. हालांकि दैनिक बाजार को बाजार मोहल्ला से क्यों हटाया गया था और अब छह महीने बाद भी उन्हें वापिस क्यों उनकी जगह पर नहीं भेजा इसका जवाब नगरपालिका के अफसरों के पास भी नहीं है. नगरपालिका के इस रवैय्ये से सब्जी व्यवसाइयों के साथ साथ मीना ग्राउंड में खेलने पहुंचने वाले खिलाड़ियों में भी ख़ासा रोष है. मैदान का आधा हिस्सा इन दिनों सब्जीवालों ने अपने कब्जे में ले लिया है.

“एसडीएम महोदय के मार्गदर्शन व तहसीलदर के निर्देशन पर सड़को पर बेजा कब्ज़ा करने वाले दुकानदारों को हटाया जा रहा है. आने वाले दिनों में भी यह कार्रवाई जारी रहेगी”

जीबी सिंह, मुख्यनगरपालिका अधिकारी कटघोरा